Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

221. सृजन सही है या सर्जन, सृजनात्मक या सर्जनात्मक?

सृजन शब्द तो आप जानते ही होंगे। इसका अर्थ है रचना, उत्पत्ति Creation. इसी से बनते हैं सृजनात्मक, सृजनशील जैसे शब्द। ऐसे में यदि कोई ज्ञानी व्यक्ति आपसे कहे कि सृजन शब्द ग़लत है, सही शब्द है सर्जन तो आप क्या करेंगे? मान लेंगे? क्या सृजन की जगह सर्जन और सृजनात्मक की जगह सर्जनात्मक का प्रयोग शुरू कर देंगे? आज की चर्चा इसी विषय पर है – सृजन को कुछ लोग क्यों ग़लत बताते हैं? और क्या वह वाक़ई अशुद्ध है?

Categories
एकला चलो

एक ‘देशद्रोही’ ने कैसे मनाया 15 अगस्त?

कितना अच्छा दिन है आज। हम अंग्रेज़ों की ग़ुलामी से मुक्ति के 60 सालों का जश्न मना रहे हैं। लाल क़िले से लेकर स्कूल-कॉलेजों में और मुहल्लों से लेकर अपार्टमेंटों तक में तिरंगा फहराया जा रहा है, बच्चों में मिठाइयाँ बाँटी जा रही हैं। मेरे अपार्टमेंट में भी सुबह से देशभक्ति गीत बज रहे हैं और मैंने उस शोर से बचने के लिए अपने फ़्लैट के सारे दरवाज़े बंद कर दिए हैं। मैं नीचे झंडा फहराने के कार्यक्रम में भी नहीं जा रहा। मैं इस छुट्टी का आनंद लेते हुए घर में बैठा बेटी के साथ टॉम ऐंड जेरी देख रहा हूँ।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

220. देवताओं का आह्वान किया जाता है या आवाहन?

धराशायी (पिछली चर्चा) की ही तरह हिंदी का एक और शब्द है जिसके कई-कई रूप आपको इंटरनेट पर मिल जाएँगे। इस शब्द का मतलब है किसी को बुलाना या निमंत्रण देना। मंत्रों द्वारा देवी-देवताओं को बुलाने के अर्थ में भी इसका प्रयोग होता है। लेकिन इसकी सही स्पेलिंग क्या है – आह्वान (आ+ह्+वा+न), आहवान, आव्हान (आ+व्+हा+न), आवहान, आवाह्न (आ+वा+ह्+न) या आवाहन? आज की चर्चा इसी विषय पर है। रुचि हो तो पढ़ें।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

219. शब्द एक, स्पेलिंग छह, बहुत नाइंसाफ़ी है…

हो सकता है, यह चर्चा आपको अनावश्यक लगे क्योंकि आप सही शब्द जानते हों। मगर ऐसे कई लोग हैं, वह भी हिंदी मीडिया में जिन्हें सही शब्द का पता नहीं है। इसका प्रमाण उन वेबसाइटों पर मिल जाता है जहाँ ये सारे शब्द नज़र आते हैं (साथ का चित्र देखें)। इसलिए उन्हीं के लिए है आज की चर्चा। आप भी उनमें हों या न भी हों तो पढ़कर जान सकते हैं कि सही क्या है और क्यों है।

Categories
आलिम सर की हिंदी क्लास शुद्ध-अशुद्ध

218. जो अपराधी नहीं, वह निरपराध है या निरपराधी?

जो दोषी नहीं, उसे हम कहते हैं कि वह निर्दोष है। जो धनी नहीं, उसे हम कहते हैं कि वह निर्धन है। जो कपटी नहीं, उसे कहते हैं कि वह निष्कपट है। तो जो अपराधी नहीं, उसे हम क्या कहेंगे? निरपराधी या निरपराध? आज की चर्चा इसी पर है। रुचि हो तो पढ़ें।

Social media & sharing icons powered by UltimatelySocial